हार कर भी जीतना इस बच्चे से सीखे(motivational story)
Hindi Motivational Story
दोस्तों नमस्कार आप सभी का स्वागत है
आज मैं आपको एक ऐसी motivational stories बता रहा हु जिसे पढ़ने के बाद
आपकी ऊर्जा पहले जैसी नही रहेगी तो चलिए
बिना आपका समय गवाये motivational story को शुरू करते है
°दोस्तों यह कहानी है एक ऐसे बच्चे की जो 9-10 साल का था उसे dyslexia 👇नामक बीमारी थी जिसके कारण उसेेेेेे
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| Dyslexia |
पढ़ने लिखने में अक्षरों की पहचान नहीं रहती थी
इस कारण स्कूल में सभी अध्यापक उसे डफर ,नालायक, बेवकूफ कहकर रोज डांटते थे और हर रोज क्लास से बाहर कर देेती थेेे
हर रोज ऐसा व्यवहार देखकर उसके जीवन पर बुरा प्रभाव पढ़ने लगा और वह दिन प्रतिदिन मानसिक और शारीरिक तनाव में जाता रहा एक दिन उसने इन सभी बुरे भले शब्दों से
तंग आकर स्कूल में से भाग गया अगली सुबह जब स्कूल में आया तो प्रिंसिपल ने उसे उसके पेरेंट्स को बुला लिया और उसके माता-पिता के सामने उसे इतना बुरा-बल्ला कहा और उसे कान्वेंट स्कूल में डालने के लिए कहा उसके पिता ने रोज- रोज के झंझट से तंग आकर उसे कान्वेंट स्कूल में डाल दिया
वहां के टीचर भी उसे समझ नहीं पाए और रोज वही हाल हुआ जो यहां होता था इसी झंझट से तंग आकर उसने एक दिन स्कूल की बिल्डिंग
से कूदने की कोशिश की लेकिन उसके दोस्त ने उसे देख लिया और उसे बचा लिया
फिर उसके दोस्त ने बोला कि जो टीचर तेरी रोज पिटाई करता है वह छुट्टी पर गया है उसकी जगह एक नया टीचर आया है आई होप कि वह टिचर अच्छा होगा और हो सकता है कि तुझे पनिश ना करें
जब वह क्लास में गये तो टीचर ने पहले दिन ही इतना अच्छा व्यवहार किया कि सभी बच्चों के चेहरों पर मुस्कान आ गई लेकिन वह बच्चा अभी भी डरा डरा सा था उस टीचर ने उससे बात करने की कोशिश की लेकिन वह नहीं बोला तो टीचर ने छुट्टी होने के बाद उसके दोस्त से पूछा ये तेरा दोस्त इतना डरा डरा सा और उदास क्यों है उसने कहा कि लिखते समय ये अक्षरों में गलती करता है और बार-बार वही गलती को दोहराता है इसलिए सभी टीचर इसे अपनी क्लास से बाहर निकाल देते हैं और रोज
पनिष करते हैं इसीलिए यह है ना तो अपने माता-पिता से बात करता है और ना ही मेरे सिवा क्लास में किसी से बात करता है
टीचर ने उसकी नोटबुक चक की और टेस्ट चेक किए जिसमें उसने वही पाया कि वह बच्चा अक्षरों में बार बार गलती करता है टीचर ने उसके माता-पिता को मिलने उसके घर पर गया और उन से अनुरोध किया कि मैं उस बच्चे का कमरा चेक करना चाहता हूं वहां कमरे में जाकर उस बच्चे के टेस्ट और नोटबुक चक्की वहीं पर भी वही चीजें उन्हें देखने को मिली तो टीचर ने उनकी माता पिता से पूछा कि वह पढ़ाई के अलावा और क्या करता है तो उसकी माता ने कहा कि पेंटिंग
बनाता है जो कि उसके पिताजी को पसंद नहीं है
teacher ने उसकी पेंटिंग देखने के लिए कहा उसकी मां ने पेंटिंग दिखाई टीचर पेंटिंग देखकर दंग रह गया इतनी अच्छी पेंटिंग इतना छोटा बच्चा कैसे बना सकता है जैसे कि 25 -30 वर्ष के आदमी ने बनाई हो टीचर पेंटिंग देखकर स्कूल में चला गया गया वह टीचर बच्चे की रोज अक्षरों की पहचान करवाता धीरे-धीरे उस बच्चे की गलतियों सुधरने लगी और टीचर उसे बाहर घूमने के लिए ले जाता जिससे कि बच्चे की हालत में दिन-प्रतिदिन सुधार आने लगा
और एक दिन टीचर ने प्रिंसिपल से अनुरोध किया कि स्कूल में पेंटिंग कंपटीशन करवाया जाए जिससे बच्चों के अंदर छिपा टैलेंट बाहर आएगा
प्रिंसिपल ने उनकी बात को मान लिया और कहा कि जो सबसे अच्छी पेंटिंग बनाएगा उस पेंटिंग को स्कूल की ईयर बुक का फ्रंट पेज बनाया जाएगा तो कंपटीशन वाले दिन सभी स्कूलों के बच्चे व टीचर्स बुलाए गए और उनके साथ चीफ गेस्ट मंत्री मंडल सभी को इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए बुलाया गया
प्रतियोगिता शुरू हो गई उस बच्चे का किसी को भी ख्याल नहीं था सभी सोचते थे यह नालायक सा क्या करेगा लेकिन उसके अंदर छिपा टैलेंट किसी को भी पता नहीं था जब सभी पेंडिंग को तराशा गया तो उनके आगे एक पेंटिंग आई तो उन्होंने सोचा कि यही सबसे सुंदर पेंटिंग है यह पेंटिंग उस पिक्चर की थी जिसमें है प्रतियोगिता करवाई 2-4 पेंटिंग्स और देखने के बाद उनके सामने एक बहुत ही सुंदर पेंटिंग आई पेंटिंग देखकर सभी दंग रह गए उन्होंने सोचा कि इतनी अच्छी पेंटिंग किसने बनाई हो सकती है उन्हें जब उस पेंटिंग पर नाम देखा तो उस बच्चे का नाम ही था तो बच्चे का नाम देखकर और टैलेंट देखकर सभी टीचर जो उसकी बुराई करते थे शर्मिंदा हो गए जो उसे इतना बुरा भला कहते थे आज उस बच्चे की तारीफ करते नहीं थक रहे थे
दोनों पेंटिंग को प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग के लिए पुरस्कार जीतना चाहिए painting ko West painting award Diya Gaya
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दोस्तों अपनी जिंदगी में ऐसा काम करो कि जो आपकी बुराई करते हैं वह एक दिन आपकी तारीफ करने पर मजबूर हो जाए धन्यवाद
Writer: As Chandad✍️








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